रंजीत ने खुद को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का टॉपर बताकर सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोरीं और स्थानीय स्तर पर सम्मान भी हासिल किया। हालांकि जांच में खुलासा हुआ कि उसने यूपीएससी की परीक्षा ही नहीं दी थी।
फर्जी दावे के चलते गांव और आसपास के लोग उसके घर बधाई देने पहुंचे। यहां तक कि पूर्व विधायक विजय कुमार भी फतेहपुर गांव पहुंचे और उसे सूटकेस व फूलमालाओं से सम्मानित किया। इस दौरान बने वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।
लेकिन रंजीत के हावभाव और जवाबों पर कुछ लोगों को शक हुआ। जांच में सामने आया कि उसने चिक्काबल्लापुर निवासी असली अभ्यर्थी के परिणाम (AIR 440) का सहारा लेकर खुद को टॉपर बताया और लोगों को गुमराह किया।
सच्चाई सामने आने के बाद रंजीत दिल्ली फरार हो गया था, लेकिन अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, इस मामले के सामने आने के बाद पूर्व विधायक विजय कुमार ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट भी हटा दिए हैं।
गौरतलब है कि UPSC 2026 सिविल सेवा परीक्षा का परिणाम 6 मार्च को जारी हुआ था, जिसका गलत फायदा उठाकर आरोपी ने अपनी झूठी पहचान बनाई।

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